खग्रास चन्द्रग्रहण कब लगेगा क्या करें
जाने किस राशि पर क्या प्रभाव रहेगा
सतीश शर्मा
यह ग्रहण भाद्रपद पूर्णिमा को 7 एवं 8 सितम्बर, 2025 ई. की मध्यगत रात्रि को सम्पूर्ण भारत में खग्रास रूप में दिखाई देगा। इस ग्रहण का स्पर्श मोक्षादि काल (भा.स्टें.टा.) भारत में जब 7 सितम्बर, 2025 ई. की रात्रि 9 बजकर, 57 मिनट पर चन्द्रग्रहण शुरु होगा अथवा 20-58 मि. पर चन्द्र मालिन्य आरम्भ होगा, उस समय से बहुत पहले ही सम्पूर्ण भारत में चन्द्र-उदय हो चुका होगा। भारत के सभी नगरों/ग्रामों में 7 सितम्बर को सायं 6:00 से 7:00 तक चन्द्रोदय हो जाएगा तथा यह खग्रास उ. पू. द. चन्द्रग्रहण 7 सितम्बर की रात्रि 21-57 मिं से प्रारम्भ होकर रात्रि 1 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगा। भारत के सभी नगरों में इसका प्रारम्भ, मध्य तथा मोक्ष रूप देखा जा सकेगा।
यह ग्रहण में चन्द्रबिम्ब पश्चिम-दक्षिण की ओर से ग्रसित होकर उत्तर-पूर्व की ओर से मुक्त होगा। ग्रहण में दान पुण्य करना चाहिए यदि हो सके तो हवन करना चाहिए। ग्रहण में काशी की कटोरी में घी रखकर और सोना डालकर डकोत को दान देना चाहिए । गरीबों को सात प्रकार का अनाज दान करना चाहिए । सात धातु का दान दें । गाय को चना गुड़ दें । अपनी इच्छा अनुसार दान करना चाहिए दान कभी भी उधार लेकर नहीं करना चाहिए। गरीबों को दान देकर गंगा जी नहाए तो शुद्धि होती है। नहाने के बाद भगवान की पूजा कर प्रसाद ले जितनी देर ग्रहण रहे इतनी देर कुछ भी नहीं खाना चाहिए लेकिन रोगी और बुजुर्ग को छूट है। अगर ग्रहण हो तो चंद्रमा के दर्शन करने के बाद में खाना खाएं । यदि स्त्री के पेट में बच्चा हो तो उसे जितनी देर ग्रहण हो उतनी देर गोदी में नारियल लेकर बैठना चाहिए और भगवान का भजन या पाठ करना चाहिए कोई भी काम नहीं करना चाहिए ताला नहीं खोलना चाहिए चाकू या से कोई चीज नहीं काटनी चाहिए ।
ग्रहण का राशियों पर प्रभाव – चंद्र ग्रहण पूर्व भाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि में घटित हो रहा है इसलिए इस राशि तथा नक्षत्र में उत्पन्न जातकों को विशेष रूप से चंद्र राहु तथा राशि स्वामी शनि का जप करना कल्याणकारी रहेगा जन्म या नाम राशि आधारित 12 राशि वालों के लिए इस ग्रहण का फल इस प्रकार रहेगा।
मेष राशि वालों को धन लाभ और उन्नति का योग है,
वृषभ राशि वालों को रोग और शरीर पीड़ा की संभावना है,
मिथुन राशि वालों को संतान संबंधी परेशानी और गुप्त चिंता रहने वाली है,
कर्क राशि वालों को शत्रु है साधारण लाभ खर्च ज्यादा होगा,
सिंह राशि वाले स्त्री/ पति संबंधी परेशानियां रहेगी,
कन्या राशि रोग गुप्त रोग गुप्त चिंता संघर्ष मय वातावरण,
तुला राशि खर्च अधिक कार्य में विलंब होगा,
वृश्चिक राशि कार्य सिद्ध लाभ,
धनु राशि धन लाभ ,उन्नति ,
मकर धन हानि व्यर्थ यात्रा,
कुंभ दुर्घटना शरीर कष्ट शत्रुता,
मीन धन हानि चिंता।
जिस राशि के लिए ग्रहण का फल अशुभ है वह यथाशक्ति जप पाठ ग्रह शांति एवं दान आदि द्वारा ग्रहण की अनिष्ट प्रभाव को खत्म किया जा सकता है इसके अतिरिक्त ग्रहण के बाद औषधि स्नान करने से भी अनिष्ट की शांति होती है, श्री महामृत्युंजय मंत्र का जप करलें / करवा ले तो ठीक हो जाता है या खुद ही जप ले।
सूतक – चंद्र ग्रहण का सूतक 7 सितंबर 2025 को दोपहर 12:57 पर प्रारंभ हो जाएगा । क्योंकि यहां पर 12:57 मिनट तक ही पूर्णमासी है अतः ग्रहण 12:57 पर खत्म हो जाएगा ।
अधिक जानकारी के लिय शर्मा जी 9312002527,9560518227





