विश्व मे होते हिंसक आंदोलनों से सबक ले भारत
ललित शंकर हरिद्वार 
पिछले पंद्रह दिनों से ईरान में हिंसा,आगजनी हत्याएं जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं। प्रदर्शन करने वालो लोग अपने ही देश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।इस हिंषक आंदोलन में अबतक लगभग 200 से अधिक ईरानी नागरिक मारे जा चुके हैं।समझने की बात ये है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंम्प ने हिंसा करने वालो के समर्थन करते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही है। अमेरिका ने ईरान पर हमले की तैयारी भी कर ली है। भारत को भी ईरान में हो रहे हिंषक प्रदर्शन से सीख लेकर अपनी मजबूत योजना बनाकर रखनी होगी क्योंकि अमेरिका लगातर किसी न किसी देश को लक्षित करके ये सब कर रहा है।अभी वेनेजुएला में ऐसा ही विरोध प्रदर्शन करके वँहा के राष्ट्रपति को उठा लिया।बंग्लादेश ,श्रीलंका, पाकिस्तान, नेपाल व अफगानिस्तान में भी बिल्कुल यही पैटर्न अपनाकर विदेशी अलगाव वादी सोच ने सत्ता बदलवाई थी।हालांकि पिछले कुछ समय से भारत मे भी ऐसे प्रयास चल रहे हैं।हर आंदोलन को हिंषक रूप देने की योजना कंही न कंही विदेशी अलगाव वादी सोच ही लगती है । भारत के बढ़ते कदमो को रोकने के लिए ये लोग भारत मे ऐसी हिंसा की बड़ी योजना बना सकते है।क्योंकि अमेरिका समझ चुका है कि पिछले कुछ वर्षों से भारत के प्रति अन्य देशों की स्वीकार्यता बड़ी है।दुनिया अब समझ चुकी है कि विश्व की अशांति को केवल भारत ही समाप्त कर शांति ला सकता है।ट्रंम्प जंहा स्वयं को मोदी का मित्र कहते थे वही ट्रंम्प आज भारत को कमजोर करने की कोई कसर नही छोड़ रहे हैं।आवश्यकता है भारत को ऐसे ही मजबूती से खड़े होकर दुनिया को दिखाने की ये आज का भारत है।जो झुकेगा नही,केवल बढेगा ही।भारत की जनता को,भारत के विपक्ष को,भारत की सरकार को चौकन्ना रहने की जरूरत है क्योंकि भारत मे अमेरिकी सोच ने पैर पसार लिए है।इसीलिए भारत मे भी हर आन्दोल को हिंषक रूप देने की योजना रहती है।हालांकि उन्हें भारत की मजबूत नीति के कारण सफलता नही मिल पाती।भारत की जनता को ये भी समझने की आवश्यकता है कि ईरान में,वेनेजुएला में,बंग्लादेश में,श्रीलंका तथा नेपाल में प्रदर्शन करने वाले लोंगो ने अपने ही देश की संम्पति को नष्ट किया।कितनी मेहनत करके,कितना धन लगाकर,कितने समय बाद सम्पत्ति बनाई जाती है जिससे देश की पहचान हो,देश को गति मिले है।और विदेशी सोच के कारण अपने ही देश को नुकसान पहुचाने वाले लोग गुमराह होकर देश के साथ ही धोखा कर रहे है।नेपाल श्रीलंका बंग्लादेश न पाकिस्तान वेनेजुएला और अब ईरान में कई कारों के बड़े बड़े शोरूमो को जला दिया गया,बड़े बड़े मॉलों को लूटकर आग लगा दी गई,सरकारी संपत्ति नष्ट कर दी गई।सरकारी बसों को आग लगाई गई।इन सभी को देश की चिंता नही है क्योंकि देश की संपत्ति जनता की अपनी होती है।भारत की जनता को ऐसे लोगों के बहकावे में नही आना चाहिए।क्योंकि कभी दिल्ली पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर,कभी लद्दाख में जेन जी के नाम पर,कभी नागरिता संशोधन कानून के नाम पर,कभी शिक्षण संस्थाओ में भारत विरोधी गतिविधि में शामिल आरोपियों पर कार्यवाही के विरोध में,तो कभी मजहबी कट्टरता के कारण हिंसा कराकर हमे अपनो के ही व देश के खिलाफ खड़ा करने की योजना होती आई है।वर्तमान में ईरान बंग्लादेश वेनेजुएला की स्थिति को देखकर समझकर भारत की जनता को सीख लेनी ही पड़ेगी। कही विदेशी सोच अगर हमारे देश मे कामयाब हो गई तो भारत के बढ़ते कदम केवल रुक ही नही जायेगे बल्कि कट जायेगे।जो फिर कभी जुड़ न पाएंगे।आज जिस मजबूती से भारत खड़ा है आगे बढ़ रहा है भविष्य में ऐसा मौका कभी नही मिलेगा।
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