हिंदुत्व व हिन्दू धर्म मे भेद एक योजना

हिंदुत्व व हिन्दू धर्म मे भेद एक योजना

ललित शंकर हरिद्वार

कांग्रेस अपने निर्माण से ही हिंदुत्व का विरोध करती आई है।विरोध करने का तरीका बदल बदल कर कांग्रेस ने हमेशा सनातन का मजाक बनाने का निष्फल प्रयास किया है।कभी हिंदुत्व को आतंकवाद बताकर,कभी राम मंदिर विरोध करके,तो कभी राम को एक कल्पना बताकर तो कभी राम सेतु को प्राकृतिक बताकर।हिंदुत्व को बदनाम व अपमानित करने के लिए ऐसा ही एक बयान कांग्रेस के बड़े नेता मणिशंकर अय्यर ने देते हुए कहा है कि हिन्दू धर्म हिंदुत्व में अंतर है। हिंदुत्व हिन्दुधर्म का विकृत रूप है।उन्होंने कहा है कि हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओ के मन मे डर का वातावरण पैदा करता है।80 प्रतिशत हिंदुओ को 14 प्रतिशत मुस्लिमो से डराता है।उन्होंने महात्मा गांधी व वीर सावरकर को बांटकर हिंदुत्व व हिन्दू धर्म के अंतर को बताया कि गांधी जी का हिन्दू धर्म अहिंसा सत्य और सह अस्तित्व पर आधातित है, जबकि सावरकर जी का हिंदुत्व आक्रमकता तथा टकराव को महत्व देता है।अय्यर ने ये भी दोहराया कि हिन्दू एक जीवन जीने का आध्यात्मिक मार्ग है जबकि हिंदुत्व राजनीतिक सिद्धान्त के रूप कार्य करता है।अय्यर के इस वक्तव्य से उनकी मानसिकता का पता लगता है।कोई मानसिक रूप से विकृत व्यक्तित ही हिन्दू धर्म और हिंदुत्व में अंतर कर सकता है।और अंतर भी विपरीत।समझने की बात है कि हिन्दू धर्म और हिंदुत्व में अंतर कैसे हो गया।हिंदूधर्म में जो भी रीति रीवाज है,उनको मानने का तरीका, पूजा पद्धति इत्यादि सभी हिंदुत्व ही तो हैं।जिस प्रकार सूर्य और प्रकाश में अंतर नही किया जा सकता। पुष्प और सुगंध में अन्तत नही कर सकते,चन्द्रमा और चाँदनी में अंतर नही कर सकते,जल और शीतलता में अंतर नही कर सकते ,उसी प्रकार हिन्दू धर्म और हिंदुत्व में अंतर कैसे कर सकते हैं।अय्यर का ये बयान कंही न कंही सनातन में फूट डालने का एक योजनात्मक प्रयास है।जिससे हिन्दू धर्म को मानने वाले दो भागों में बंट जाएं।और कांग्रेस अपने पुराने रुतवे पर आ जाये।समझने की बात है कि हिन्दू धर्म और हिंदुत्व में अगर ऐसा अंतर है तो फिर इस्लाम मजहब व इस्लामियत में भी अंतर होगा।ईसाई धर्म व ईसाइयत में भी अंतर होना चाहिए।लेकिन कभी अय्यर जैसे लोग इस्लाम व ईसाईयत पर ऐसे वक्तव्य नही देंगे।सनातन को लगातर  अपमानित व बदनाम करने  के कारण भारत में कांग्रेस ही हालत खराब हो गई है।परंतु सनातन विरोध की परंपरा फिर भी कांग्रेस छोड़ने को तैयार नही है।भारत के हिंदुओ को समझने व ध्यान रखने की आवश्यकता है कि इतिहास में हमको बांटकर ही हमपर मुगलों ने,अंग्रेजो ने तथा कांग्रेस ने आधिपत्य करने का प्रयास किया था।वो प्रयास अय्यर जैसे लोगों के द्वारा आज भी किया जा रहा है।परंतु हम सब एक होकर, नेक होकर, भारत को आगे बढ़ाते रहेंगे।अय्यर देश की जनता को बताएं कि पाकिस्तान व बंग्लादेश में इस्लामिक कट्टरपंथी नारे लगाकर हिंदुओ को मारा ,जलाया जा रहा है,हिन्दू महिलाओं की इज्जत लूटी जा रही है ये इस्लाम है या इस्लामियत।ईसाइयों द्वारा सेवा के नाम पर धोखे से हिंदुओ का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।अय्यर बताएं कि ये ईसाई धर्म है या ईसाइयत।भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल से लेकर इंदिरा गांधी,राजीव गांधी सोनिया गांधी और अब राहुल गांधी सभी ने हिंदुत्व का अपमान ही किया है।गांधी परिवार की वही परम्परा कांग्रेस के  मणिशंकर अय्यर,सैम पित्रोदा,दिग्विजय सिंह जैसे नेता आजभी अपना रहे हैं।सबको ये ध्यान रखना चाहिए कि हिंदुत्व का विरोध करने वाले बड़े बड़े शक्तिशाली लोग आज दुनियां से चले गए।हिंदुत्व आज भी उसी मजबूती से खड़ा है और हमेशा खड़ा ही रहेगा।

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