आखिर कब तक छात्र पेपर लीक का तनाव सहेंगे
सतीश शर्मा 
3 मई 2026 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( N T A ) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई है। कोन है ये नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ओर क्या करती है । एनटीए का पूरा नाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी है । भारत सरकार द्वारा स्थापित यह एक स्वतंत्र, स्वायत्त संगठन है जो उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करता है। शोध आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन करके शिक्षा में समानता और गुणवत्ता में सुधार करना। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( N T A ) के द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाएं – जेईई मेन की संयुक्त प्रवेश परीक्षा। NEET UG की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा। यूजीसी नेट की विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा।( CUET) कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट। एनआईएफटी, एनसीईटी और विभिन्न स्नातकोत्तर/विशेषज्ञता परीक्षाएं। यह प्रवेश परीक्षाओं को सुव्यवस्थित करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि महत्वपूर्ण परीक्षाएं कुशलतापूर्वक आयोजित की जाएं।
23 लाख छात्रों को प्रभावित करने वाले NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच के आदेश केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को दिए गए है । यह निर्णय पेपर के आउट होने और गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद लिया गया है, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। कुछ केंद्रों पर परीक्षा के दौरान पेपर बाहर आने और अनियमिताओं के आरोप। National Testing Agency. NTA जल्द ही परीक्षा की नई तारीख जारी करेगी, प्रभावित छात्रों को फिर से रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। पेपर लीक के मामलों को रोकने के लिए सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 लागू किया है, जिसके तहत 3 से 5 साल तक की सजा और 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। ये कोई पहली बार नहीं हुआ पहले भी उत्तर प्रदेश (RO/ARO), बिहार, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में भी पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जो प्रिंटिंग प्रेस या परीक्षा केंद्रों से लीक हुए। इन घटनाओं से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और परीक्षा प्रणाली में विश्वास पर गहरा नकारात्मक असर पड़ता है।यह एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है, जिसमें अक्सर प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की खामियां उजागर होती हैं नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा को पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया है। 12 मई 2026 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने इस मामले की गहन जांच के आदेश CBI को दे दिए हैं।
मामला क्या है समझे,नीट परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से लगभग 22 लाख छात्र शामिल हुए थे । परीक्षा के कुछ दिनों बाद पेपर लीक की खबरें सामने आने लगीं। राजस्थान पुलिस की विशेष परिचालन समूह (Special Operations Group) (SOG) की जांच में पता चला कि परीक्षा से पहले व्हाट्सएप (WhatsApp) पर एक “गेस पेपर” सर्कुलेट हुआ था। इस 150 पेज के डॉक्यूमेंट में 410 सवाल थे, जिनमें से 120 से 140 सवाल असली परीक्षा के पेपर से हूबहू मेल खाते थे । रिपोर्ट्स के अनुसार, यह संदिग्ध पेपर परीक्षा से 42 घंटे पहले ही बाजार में बिक रहा था। दावा किया गया है कि इसे 5 लाख रुपये तक की भारी रकम में छात्रों को बेचा गया थ]। राजस्थान और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से पुलिस ने अब तक एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। प्रारंभ में एनटीए ने इन आरोपों को निराधार बताया था, लेकिन राजस्थान एसओजी द्वारा पुख्ता सबूत पेश किए जाने के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया । एनटीए ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा परीक्षा के लिए कोई नया पंजीकरण नहीं करना होगा और न ही कोई अतिरिक्त फीस देनी होगी। उनके पुराने केंद्र और क्रेडेंशियल ही मान्य रहेंगे ।
मेरे कुछ सुझाव है जिन पर ध्यान दें तो अच्छा रहेगा – बोर्ड, यूनिवर्सिटी, या प्रश्नपत्र सेट करने वाली टीम का कोई व्यक्ति पैसों के लालच में पेपर लीक कर देता है। प्रश्नपत्र छपने वाली प्रेस से या परीक्षा केंद्रों तक ले जाते समय, सीलबंद पैकेट के साथ छेड़छाड़ की जाती है। हैकर्स ऑनलाइन परीक्षा प्रणालियों या कम सुरक्षित कंप्यूटर सिस्टम को हैक करके पेपर चोरी करते हैं।परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले केंद्र के कर्मचारियों की मिलीभगत से पैकेट खोलकर, या किसी को अंदर भेजकर फोटो खिंचवाकर पेपर बाहर भेजा जाता है। मोबाइल, व्हाट्सएप, या अन्य ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए पेपर को परीक्षा के तुरंत बाद या पहले बाहर भेज दिया जाता है। पेपर लीक के पीछे की प्रक्रिया माफिया/गैंग गिरोह पहले से पेपर का इंतजाम करते हैं। परीक्षा कराने वाली संस्था के कर्मचारियों को रिश्वत दी जाती है। पेपर को छात्रों तक मोटी रकम में बेचा जाता है। उपरोक्त स्थानों पर कड़ी नजर रखी जाए तो एसी घटनाओ को रोकने मे सहायता मिलेगी । इन अपराधों को रोकने के लिए, भारत सरकार अब सख्त कानून (Anti-Paper Leak Law) लागू कर रही है, जिसमें कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।






