Satish Sharma

वाग्देवी सरस्वती के आशीर्वाद का पर्व है बसंत पंचमी

वाग्देवी सरस्वती के आशीर्वाद का पर्व है बसंत पंचमी  सतीश शर्मा    या देवी सर्वभूतेषु विद्या-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ जो देवी सभी प्राणियों में विद्या (ज्ञान) के रूप में स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है। बसंत पंचमी या श्री पंचमी ज्ञान का त्यौहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती, […]

वाग्देवी सरस्वती के आशीर्वाद का पर्व है बसंत पंचमी Read More »

मौनी अमावस्या का महत्व व करने योग्य उपाय 

मौनी अमावस्या का महत्व व करने योग्य उपाय  सतीश शर्मा मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक पवित्र और शुभ दिन माना जाता है. यह अमावस्या माघ मास में आती है और इस दिन आध्यात्मिक शुद्धि, संयम और पितृ तर्पण का विशेष महत्व होता है. इस दिन किए गए धार्मिक कर्म और पुण्य कार्य कई गुना

मौनी अमावस्या का महत्व व करने योग्य उपाय  Read More »

हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा

हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा  सतीश शर्मा बर्बरीक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे। बर्बरीक के लिए तीन बाण ही काफी थे जिसके बल पर वे कौरवों और पांडवों की पूरी सेना को समाप्त कर सकते थे। युद्ध के मैदान में भीम पौत्र बर्बरीक दोनों खेमों के मध्य बिन्दु एक पीपल के वृक्ष के नीचे

हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा Read More »

सुमन संगम आश्रय ट्रस्ट

 सुमन संगम आश्रय ट्रस्ट  हमें आपको सुमनसंगम आश्रय ट्रस्ट  के कार्यों से अवगत कराते हुए गर्व हो रहा है। हमारा ट्रस्ट समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पूर्णतः निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए समर्पित है। हमारा मानना है कि धन का अभाव किसी भी बच्चे के

सुमन संगम आश्रय ट्रस्ट Read More »

षटतिला एकादशी 

षटतिला एकादशी  सतीश शर्मा   षटतिला एकादशी यह व्रत माघ कृष्ण पक्ष एकादशी को किया जाता है इसके अधिदेव भगवान विष्णु हैं | पंचामृत में तिल मिलाकर भगवान को स्नान कराया जाता है | इस प्रकार जो मनुष्य भगवान को स्नान करा कर तिलों का दान करता है वह सहस्त्र वर्ष स्वर्ग में वास करता

षटतिला एकादशी  Read More »

संगठन में शक्ति है 

संगठन में शक्ति है  सतीश शर्मा “संगठन में शक्ति है” का अर्थ है कि जब लोग एक सामान्य उद्देश्य के लिए एकजुट होकर काम करते हैं, तो उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं से कहीं ज़्यादा बड़ी ताकत पैदा होती है, जिससे वे बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं, बेहतर समाधान निकाल सकते हैं और

संगठन में शक्ति है  Read More »

हिन्दू संस्कृति में गोत्र परंपरा,महत्व व गोत्र मिलान क्यों जरूरी ?

हिन्दू संस्कृति में गोत्र परंपरा,महत्व व गोत्र मिलान क्यों जरूरी ? सतीश शर्मा हिन्दू संस्कृति में गोत्र परंपरा पैतृक वंश को दर्शाती है, जो एक ही पूजनीय ऋषि (पूर्वज) से जुड़े लोगों के कुल या परिवार समूह को बताती है, जिसका मुख्य उद्देश्य विवाह के लिए एक ही गोत्र में निषेध (सगोत्र विवाह वर्जित) रखना

हिन्दू संस्कृति में गोत्र परंपरा,महत्व व गोत्र मिलान क्यों जरूरी ? Read More »

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – अटूट आस्था के  1,000 वर्ष (1026-2026)

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – अटूट आस्था के  1,000 वर्ष (1026-2026) सतीश शर्मा सोमनाथ… ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है। भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नाम की जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है। द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – अटूट आस्था के  1,000 वर्ष (1026-2026) Read More »

माघ मास व माघी पूर्णिमा का महत्व व करने योग्य कार्य

माघ मास व माघी पूर्णिमा का महत्व व करने योग्य कार्य सतीश शर्मा माघ मास हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी महीना है, जिसमें स्नान, दान, तपस्या और भगवान विष्णु/सूर्य/शिव की पूजा का विशेष महत्व है, जो पापों का नाश कर आरोग्य, सुख और समृद्धि दिलाता है, खासकर प्रयागराज में कुंभ स्नान और मकर

माघ मास व माघी पूर्णिमा का महत्व व करने योग्य कार्य Read More »

राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर करने वाली शक्तियां- षड्यंत्र

राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर करने वाली शक्तियां- षड्यंत्र सतीश शर्मा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश को कमजोर करने वाली शक्तियाँ अक्सर षड्यंत्र के रूप में काम करती हैं, जिनमें आंतरिक विभाजन, विदेशी हस्तक्षेप, आर्थिक दबाव और जासूसी शामिल होती हैं, राष्ट्र-राज्य आंतरिक-बाह्य शक्तियों के माध्यम से ऐसी साजिशों का सामना करते हैं। ऐसे

राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर करने वाली शक्तियां- षड्यंत्र Read More »