(ललित शंकर रुड़की गाजियाबाद)

हामिद के बिगड़े बोल

हामिद के बिगड़े बोल ललित शंकर हरिद्वार देश मे रहकर देश मे ही सबकुछ पाने के बाद भी देश की बदनामी करना कुछ लोगों की फितरत हो गई है।उन्ही में एक नाम है पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का।हामिद अंसारी दो बार भारत के उपराष्ट्रपति रहे,राज्यसभा के सभापति रहे,अड़तीस वर्षों तक राजनायिक रहते हुए सयुक्त राष्ट्र […]

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अतिथि देवो भव 

अतिथि देवो भव  ललित शंकर हरिद्वार वेसे तो भारत की कई परम्पराए प्रसिद्ध है।लेकिन एक परम्परा की चर्चा पूरे विश्व मे हो रही है।वो है अतिथि देवो भव यानी मेहमान भगवान होता है।अभी भारत मे हुए ब्रिक्स  सम्मेलन में  भारत के आतिथ्य सत्कार की प्रशंसा दुनियाभर के लोगों ने की।वो प्रसंशा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 

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राजनीति का गिरता स्तर 

  राजनीति का गिरता स्तर  ललित शंकर हरिद्वार किसी भी  देश के विकास में,उत्थान में राजनीतिक भागीदारी अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।सत्ता पक्ष हो या विपक्ष दोनों की देश उन्नति में सहायक होते हैं।लेकिन पिछले कुछ समय से भारत की राजनीति का स्तर लगातर गिरता जा रहा है।जिसका मुख्य कारक है कांग्रेस सहित भारत का

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दलितों को भृमित करती कॉंग्रेस

दलितों को भृमित करती कॉंग्रेस ललित शंकर हरिद्वार भारत के राजनीतिक लोकतंत्र में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले दलित समाज की बहुत बड़ी भूमिका हैं।आजादी के बाद से बिना किसी स्वार्थ के लंबे समय तक कांग्रेस को वोट करने वाले दलित समाज के साथ कांग्रेस ने धोखा ही किया है।कांग्रेस आज भी भोलेवाले दलितों के साथ

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भगवा से विरोध क्यों

भगवा से विरोध क्यों ललित शंकर हरिद्वार भारत की आस्था का केंद्र भगवा रंग त्याग,बलिदान और शौर्य का प्रतीक है।देश मे भगवा के प्रति गहरी आस्था व शृद्धा है।इसके बाबजूद कुछ लोग भगवा का विरोध व अपमान करने से बाज नही आ नही आ रहे।भगवा का सबसे ज्यादा विरोध देश की सबसे प्राचीन राजनीतिक पार्टी

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सुनियोजित आंदोलन

सुनियोजित आंदोलन ललित शंकर हरिद्वार किसी भी देश मे अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार होता है।लेकिन आंदोलन के नाम पर भोलेभाले लोगों को मोहरा बनाकर देश को जलाने का प्रयास करना देशद्रोह से कम नही है।भारत मे भी एक ऐसी शक्ति पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय है

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नारी तो ऐसी न थी

नारी तो ऐसी न थी ललित शंकर हरिद्वार भारत मे अनादि काल से नारी की पूजा होती आई है।किसी भी शुभ कार्य मे नारी की पूजा की जाती है।सनातन में नारी के बिना हर पूजा अधूरी मानी गई है।मंदिरों में भगवान के साथ देवी का रहना अनिवार्य होता है।भगवान के नाम लेते समय भी उनकी

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कँहा गए समाज सुधारक 

कँहा गए समाज सुधारक  ललित शंकर हरिद्वार अभी इस्लामिक पर्व बकरीद आने वाली है।हर तरफ खून, पशुओं के मृत शरीरों के अवशेष, निर्ममता से कटने वाले पशुओं के चीखने की आवाज सुनाई देगी।परन्तु पूरे देश मे हिन्दू पर्वो पर पर्यावरण ,प्रदूषण के नाम पर शोर मचाने वाले समाज सुधारक के मुख से कोई शब्द नही

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इस्लामिक नाटो वैश्विक संकट

इस्लामिक नाटो वैश्विक संकट  ललित शंकर रुड़की हरिद्वार इस समय पूरे विश्व मे अस्थिरता सी दिख रही है।हर तरफ युद्ध की आहट सुनाई व दिखाई दे रही है।ऐसे समय मे एक बड़ा संकट भविष्य में विश्व मे पनपने की चर्चा हो रही है ।वो है इस्लामिक नाटो।पाकिस्तान अपनी आतंकवादी गतिविधि को बढ़ाने के लिये इसकी

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अति करते स्टालिन

अति करते स्टालिन ललित शंकर हरिद्वार ऐसा कहते है कि अधिक सहनशीलता कायरता की निशानी होती है।ऐसा ही अब सनातन के साथ होने लगा है।सनातन को मानने वाले लोगों में अधिक सहनशीलता के कारण लगातर सनातन पर अनाप सनाप टिप्पड़ी की जा रही है।इस क्रम में तमिलनाडु के  द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन अग्रणी भूमिका में

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