(ललित शंकर रुड़की गाजियाबाद)

भगवा से विरोध क्यों

भगवा से विरोध क्यों ललित शंकर हरिद्वार भारत की आस्था का केंद्र भगवा रंग त्याग,बलिदान और शौर्य का प्रतीक है।देश मे भगवा के प्रति गहरी आस्था व शृद्धा है।इसके बाबजूद कुछ लोग भगवा का विरोध व अपमान करने से बाज नही आ नही आ रहे।भगवा का सबसे ज्यादा विरोध देश की सबसे प्राचीन राजनीतिक पार्टी […]

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सुनियोजित आंदोलन

सुनियोजित आंदोलन ललित शंकर हरिद्वार किसी भी देश मे अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार होता है।लेकिन आंदोलन के नाम पर भोलेभाले लोगों को मोहरा बनाकर देश को जलाने का प्रयास करना देशद्रोह से कम नही है।भारत मे भी एक ऐसी शक्ति पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय है

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नारी तो ऐसी न थी

नारी तो ऐसी न थी ललित शंकर हरिद्वार भारत मे अनादि काल से नारी की पूजा होती आई है।किसी भी शुभ कार्य मे नारी की पूजा की जाती है।सनातन में नारी के बिना हर पूजा अधूरी मानी गई है।मंदिरों में भगवान के साथ देवी का रहना अनिवार्य होता है।भगवान के नाम लेते समय भी उनकी

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कँहा गए समाज सुधारक 

कँहा गए समाज सुधारक  ललित शंकर हरिद्वार अभी इस्लामिक पर्व बकरीद आने वाली है।हर तरफ खून, पशुओं के मृत शरीरों के अवशेष, निर्ममता से कटने वाले पशुओं के चीखने की आवाज सुनाई देगी।परन्तु पूरे देश मे हिन्दू पर्वो पर पर्यावरण ,प्रदूषण के नाम पर शोर मचाने वाले समाज सुधारक के मुख से कोई शब्द नही

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इस्लामिक नाटो वैश्विक संकट

इस्लामिक नाटो वैश्विक संकट  ललित शंकर रुड़की हरिद्वार इस समय पूरे विश्व मे अस्थिरता सी दिख रही है।हर तरफ युद्ध की आहट सुनाई व दिखाई दे रही है।ऐसे समय मे एक बड़ा संकट भविष्य में विश्व मे पनपने की चर्चा हो रही है ।वो है इस्लामिक नाटो।पाकिस्तान अपनी आतंकवादी गतिविधि को बढ़ाने के लिये इसकी

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अति करते स्टालिन

अति करते स्टालिन ललित शंकर हरिद्वार ऐसा कहते है कि अधिक सहनशीलता कायरता की निशानी होती है।ऐसा ही अब सनातन के साथ होने लगा है।सनातन को मानने वाले लोगों में अधिक सहनशीलता के कारण लगातर सनातन पर अनाप सनाप टिप्पड़ी की जा रही है।इस क्रम में तमिलनाडु के  द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन अग्रणी भूमिका में

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निजी विद्यालयों की बढ़ती मनमानी

निजी विद्यालयों की बढ़ती मनमानी ललित शंकर हरिद्वार भारतीय परंपरा में विद्यायलों को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है।सभी विद्यायलों का समाज मे अत्याधिक सम्मान भी है।लेकिन निजी स्कूलों की मनमानी के कारण धीरे धीरे शिक्षा के मंदिरों का सम्मान कम होता जा रहा है।शिक्षा मन्दिर कंही न कंही अब व्यवसायिक स्थान बन गए हैं।अभी

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सांप कौन,बताये खड़गे

सांप कौन,बताये खड़गे ललित शंकर हरिद्वार हमेशा से संघ व भाजपा पर आपत्तिजनक टिप्पड़ी करने वाली कांग्रेस राजनीतिक महत्वकांक्षाओं में इतनी डूब गई है कि उसको सही गलत का भी अनुमान नही हो रहा।संघ के लिये मन मे ईर्ष्या व विरोध कांग्रेस के स्वाभव में प्राचीन समय से ही है।नेहरू,इंदिरा,राजीव ,सोनिया और राहुल लगातार संघ

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आतंकवाद का बचाव करती ममता

आतंकवाद का बचाव करती ममता  ललित शंकर  हरिद्वार भारत के विपक्ष ने सत्ता पाने तथा खोने के लिये कुछ भी करने की आदत सी डाल ली है।वेसे तो सत्ता पाने के लिए विपक्षी दल सरकार का विरोध करते करते देश का विरोध तक करने लगे हैं। विपक्षी दल की मजबूत व बड़ी नेता ममता बनर्जी

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बदलता बॉलीवुड

बदलता बॉलीवुड ललित शंकर हरिद्वार भारत लगातर हर क्षेत्र में बदलाव कर रहा था लेकिन लंबे समय से भारतीय सिनेमा में बदलाव नही हो रहा था।भारत का सिनेमा जगत एक सोची समझी योजना के तहत फिल्में व धरावाहिक बना रहा था।लेकिन आदित्य धर जैसे फ़िल्म निर्देशकों ने बॉलीवुड को सही व सच कहने की दिशा

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