Motivational

राष्ट्र निर्माण में युवाओं का योगदान 

राष्ट्र निर्माण में युवाओं का योगदान  सतीश शर्मा स्वामी विवेकानंद के अनुसार, युवा अपनी शारीरिक और मानसिक शक्ति से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। सारी शक्ति तुम्हारे भीतर है, तुम कुछ भी और सब कुछ […]

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परीक्षा/साक्षात्कार में सफलता के लिए उपाय 

परीक्षा/साक्षात्कार में सफलता के लिए उपाय  सतीश शर्मा परीक्षा या साक्षात्कार (इंटरव्यू) में सफलता पाने के लिए मेहनत और सही तैयारी सबसे जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही हमारे पारंपरिक और घरेलू उपाय मानसिक तनाव को कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सकारात्मक ऊर्जा लाने में बहुत मददगार साबित होते हैं। परीक्षा / साक्षात्कार में सफलता

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‘सांख्ययोग’

‘सांख्ययोग’ सतीश शर्मा  श्रीमद्भगवद्गीता का द्वितीय अध्याय, जिसे ‘सांख्ययोग’ कहा जाता है, पूरी गीता का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। इसे गीता का ‘सार’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने उन सभी मुख्य सिद्धांतों की नींव रख दी है, जिन्हें आगे के 16 अध्यायों में विस्तार से समझाया गया है। इसमें कुल 72

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अर्जुनविषाद योग

“अर्जुनविषाद योग”  सतीश शर्मा श्रीमद्भगवद्गीता का प्रथम अध्याय, जिसे ‘अर्जुनविषादयोग’ कहा जाता है, अर्जुन विषाद योग पूरी गीता की पृष्ठभूमि और आधारशिला है। इस अध्याय में कुल 47 श्लोक हैं, जो कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में उपजे एक महान मानसिक और नैतिक संकट को दर्शाते हैं। यह अध्याय केवल एक ऐतिहासिक युद्ध का वर्णन नहीं

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“एक असाधरण  व्यक्तित्व – नरेंद्र दास दामोदर मोदी”

“एक असाधरण  व्यक्तित्व – नरेंद्र दास दामोदर मोदी”  मनमीत सोनी इस 17 सितंबर को यह व्यक्ति छिहत्तर वर्ष का हो जाएगा। यह व्यक्ति पिछले चार दशकों से खुली राजनीति में है। जिनमें से लगभग 26 वर्ष बिलकुल सत्ता की राजनीति की है और कभी मुँह की नहीं खाई। कुछ तो बात होगी। कोई तो करिश्मा

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युवा आंदोलन ओर युवाओ का भविष्य

युवा आंदोलन ओर युवाओ का भविष्य सतीश शर्मा आज की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, लेकिन आधुनिक समाज में वे तेजी से भटकाव का शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल उनके व्यक्तिगत विकास को रोकती है, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती है। युवा आंदोलनों का इनके  जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक

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महारानी अहिल्याबाई होलकर

महारानी अहिल्याबाई होलकर सतीश शर्मा भारत का अपना एक समृद्धशाली इतिहास रहा है | संस्कृति और परंपराओं का देश भारत हमेशा से ही दुनिया भर में आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां की विविधताओं की वजह से दुनिया भर से लोग यहां खींचे चले आते हैं। यहां कई शासकों ने शासन किया, तो वहीं यहां

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सावित्री बाई फुले 

सावित्री बाई फुले  सतीश शर्मा सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। इनके पिता का नाम खन्दोजी नैवेसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1841 में महात्मा ज्योतिराव फुले से हुआ था। सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल(महिला शिक्षिका)और पहले किसान स्कूल की संस्थापक

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दरार या बिखराव

 दरार या बिखराव  सतीश शर्मा सुबह के साढ़े सात बजे जब सुमन  स्कूल के लिए ‌तैयार हुई तो‌ चुपके से ऊपर मम्मी के बेडरूम में ‌ग‌ई धीरे से डोर सरकाया देखा तो सारा सामान बिखरा पड़ा था। नीचे ड्राइंग रूम में आई तो पापा सोफे पर बेसुध सो रहे थे। अपने रुम में आकर उसने

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मोत से ना डरें , मोत का आलिंगन करें

A lone traveler stands on a hilltop, gazing over a vast mountain landscape under a clear blue sky.

मोत से ना डरें , मोत का आलिंगन करें  सतीश शर्मा मौत सभी जीवित जीवों के जीवन का अंत है, जिसमें महत्वपूर्ण जैविक क्रियाएं जैसे हृदय गति, श्वास और मस्तिष्क की गतिविधि स्थायी रूप से बंद हो जाती हैं। यह एक प्रक्रिया है जिसमें अंग काम करना बंद कर देते हैं और शरीर में सभी

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