हिन्दू संस्कृति में गोत्र परंपरा,महत्व व गोत्र मिलान क्यों जरूरी ?
हिन्दू संस्कृति में गोत्र परंपरा,महत्व व गोत्र मिलान क्यों जरूरी ? सतीश शर्मा हिन्दू संस्कृति में गोत्र परंपरा पैतृक वंश को दर्शाती है, जो एक ही पूजनीय ऋषि (पूर्वज) से जुड़े लोगों के कुल या परिवार समूह को बताती है, जिसका मुख्य उद्देश्य विवाह के लिए एक ही गोत्र में निषेध (सगोत्र विवाह वर्जित) रखना […]
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