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हिन्दू साम्राज्य के योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज

हिन्दू साम्राज्य के योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज सतीश शर्मा   हिंदू साम्राज्य दिवस ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी यह छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का दिवस है। संघ ने इस उत्सव को अपना उत्सव क्यों बनाया इसका आज के वातावरण में जिन्हें ज्ञान नहीं है, जानकारी नहीं है, उन के मन में कई प्रश्न आ सकते हैं। …

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महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप सतीश शर्मा    राणा प्रताप सिंह का जन्म 9 मई, 1540 को राजस्थान के कुंभलगढ़ में हुआ था। महाराणा उदय सिंह द्वितीय उनके पिता थे और रानी जीवन कंवर उनकी माता थीं। महाराणा उदय सिंह द्वितीय मेवाड़ के शासक थे, जिनकी राजधानी चित्तौड़ थी। महाराणा प्रताप को युवराज की उपाधि दी गई थी …

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मानवता पर युद्ध और पाकिस्तान का विभाजन ही शांति का मार्ग ?

  मानवता पर युद्ध और पाकिस्तान का विभाजन ही शांति का मार्ग ? डॉ. परमवीर ‘केसरी’, राजनीतिक विश्लेषक   “पाकिस्तान का मानवता पर युद्ध: ‘अन्याय कहीं भी हो, न्याय के लिए हर जगह ख़तरा है’”  पाकिस्तान आज एक गहरे सांप्रदायिक संकट से जूझ रहा है, जिसका मूल कारण उसकी सत्ता संरचना में क्षेत्रीय असमानता है। …

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रोग से दूर रखने की साधना  है योग

रोग से दूर रखने की साधना  है योग   सतीश शर्मा योग का अर्थ एकता या बांधना है। इस शब्द की जड़ है संस्कृत शब्द युज, जिसका मतलब है जुड़ना। आध्यात्मिक स्तर पर इस जुड़ने का अर्थ है सार्वभौमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना का एक होना। व्यावहारिक स्तर पर, योग शरीर, मन और भावनाओं …

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सामाजिक समरसता के लिए संस्कृति व संस्कारों की आवश्यकता -सुरेश सरदाना

सामाजिक समरसता के लिए संस्कृति व संस्कारों की आवश्यकता  सुरेश सरदाना सामाजिक समरसता का अर्थ है समाज में सभी वर्गों, जातियों, धर्मों और समुदायों के बीच परस्पर सौहार्द, एकता और समानता की भावना का विकास। यह केवल कानून या शासन व्यवस्था से नहीं, बल्कि समाज के भीतर गहरे संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से प्राप्त होती …

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सामाजिक समरसता के लिए संस्कृति व संस्कारों की आवश्यकता

  सामाजिक समरसता के लिए संस्कृति व संस्कारों की आवश्यकता भूपेंद्र सिंह एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया समरसता के साथ कर्मों के सिद्धांत को प्रमुखता भी देनी  चाहिए क्योंकि अच्छे कर्मों के बिना समरसता को नहीं लाया जा सकता लालच से साथ रहना और कर्मों के सिद्धांत को ना समझना अपने कर्तव्य को ना समझना …

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स्वतन्त्रता  के मतवाले भगत सिंह

स्वतन्त्रता  के मतवाले भगत सिंह पद्म प्रकाश सिंह  बसन्त के गुलाबी मौसम की एक दोपहर थी। गांव के खेतों में गेहूं की झूमती बालियां पियराने लगी थीं। बैलों की घंटियों की आवाज़, मिट्टी की सौंधी खुशबू और हवा में लहराते सरसों के पीले फूलों के बीच एक नन्हा बालक उछलता-कूदता घूम रहा था। यह कोई …

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पर्यावरण योद्धाओ का पिपलांत्री गाँव

पर्यावरण योद्धाओ का पिपलांत्री गाँव सतीश शर्मा   पिपलांत्री गाँव की सभी महिलाये वृक्षों को राखी बांधती है | इन सब की प्रेरणा है समाज सेवक 60 वर्ष के श्री  श्याम सुंदर पालीवाल जो राजस्थान के उदयपुर के राजमंदा जिले के पिपलांत्री गांव में रहते हैं । उनकी लगन, मेहनत व दूरदृष्टि ने ही पिपलांत्री को …

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साधारणतया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

  साधारणतया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न सतीश शर्मा  संघ का पूरा नाम क्या है ? संस्थापक कौन है ? संघ की स्थापना कहाँ और कब हुई ? संघ का पूरा नाम है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। संघ के संस्थापक है डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार। डॉ. जी स्वातंत्र्य सेनानी थे। उन्होंने …

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छत्रपति संभाजी महाराज की मृत्यु का बदला

छत्रपति संभाजी महाराज की मृत्यु का बदला सतीश शर्मा औरंगज़ेब ने छत्रपति संभाजी महाराज के सामने कई माँगें रखीं और कहा कि अगर उन्होंने बात मान ली तो उनकी जान बख्श दी जाएगी। संभाजी महाराज से उनका सारे किलों को मुगलों को देने को कहा गया। उनसे कहा गया कि वे उन सभी मुगलों के …

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