मन – पंछी (लघुकथा)
मन – पंछी (लघुकथा) नोरिन शर्मा फ़ैमिली कोर्ट से अकेली बाहर निकलकर मान्या कॉलेज पहुँची। पहली दो सुनवाई तक तो माँ साथ हुआ करती थीं पर अब भाभी और उनके बदलते व्यवहार ने उसकी टीस और बढ़ा दी। शादी के बाद मान्या एक एक पैसे को बचाकर सुकांत के साथ मिलकर एक घर खरीदना चाहती …













