Katha

मकर संक्रान्ति का महत्व व कथा

मकर संक्रान्ति का महत्व व कथा सतीश शर्मा मकर संक्रान्ति (माघ मास की सौर एकम्) – इस दिन भगवान सूर्यनारायण मकर राशि में प्रवेश करते हैं,दक्षिणायन समाप्त होकर उत्तरायण प्रारंभ होता है| संक्रांति के दिन ग्रहों के राजा सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि यानी मकर राशि में आते हैं …

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आँमला नौमी

आँमला नौमी सतीश शर्मा आंमला नौमी वाले दिन आंवले के  वृक्ष की पूजा करते हैं । जल, मोली, रोली, चावल,गुड़, सुहाली, पतारा, आंवला, एक ब्लाऊज ओर दक्षिणा चढ़ाएं । दीया और धूप जलाकर एक सौ आठ फेरे दें। कहानी कहें। ब्राह्मण ब्राह्माणी का ब्लाऊज देकर जिमायें, धोती दक्षिणा दें। भोजन में आंवले का होना जरूरी …

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इंदिरा एकादशी

इंदिरा एकादशी अश्विन माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी कहते हैं | यह एक मात्र ऐसी एकादशी है जो पितृ पक्ष में पड़ती है | मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से व्रती को पितृ पक्ष में श्राद्ध करने के समान फल की प्राप्ति होती है. इसलिए इंदिरा …

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करवा चौथ (करक चतुर्थी)

करवा चौथ (करक चतुर्थी)      हिन्दू पंचांग अनुसार कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन यह व्रत किया जाता है। इस व्रत की विशेषता यह है कि केवल सौभाग्यवती स्त्रियों को ही यह व्रत करने का अधिकार है। इस व्रत में अपने वैवाहिक जीवन को समृद्ध बनाए रखने के लिए सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ अपने …

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शिव तांडव स्तोत्र 

शिव तांडव स्तोत्र  जटा टवी गलज्जलप्रवाह पावितस्थले गलेऽव लम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंग मालिकाम्‌। डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिव: शिवम्‌ ॥ उनके बालों से बहने वाले जल से उनका कंठ पवित्र है, और उनके गले में सांप है जो हार की तरह लटका है, और डमरू से डमट् डमट् डमट् की ध्वनि निकल रही है, भगवान शिव …

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वट सावित्री व्रत कथा

वट सावित्री व्रत कथा    ज्येष्ठ अमावस्या के दिन आने वाले सावित्री व्रत की कथा में निम्न प्रकार से है-भद्र देश के एक राजा थे नाम अश्वपति था। भद्र देश के राजा अश्वपति के कोई संतान नही थी। वे संतान की प्राप्ति के लिए मंत्रोचारण के साथ प्रतिदिन एक लाख आहुत सम्बद्ध मंत्र से हवन …

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प्रदोष व्रत कथा व विधि

प्रदोष व्रत कथा व विधि  प्रदोष कथा सुनने के लिए क्लिक करे – https://youtu.be/Mr10mOT7NxE?si=DLGVv5ofGrwGgsrU प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। प्रदोष व्रत हर माह की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है यानी हर महीने दो प्रदोष व्रत पड़ते हैं और इनमें सोम प्रदोष का बहुत महत्व है। जिस तरह एकादशी तिथि …

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रामचरितमानस ओर कष्ट निवारण के उपाय

रामचरितमानस ओर कष्ट निवारण के उपाय  तुलसी दास जी ने जब राम चरित मानस की रचना की,तब उनसे किसी ने पूंछा कि बाबा! आप ने इसका नाम रामायण क्यों नहीं रखा? क्योंकि इसका नाम रामायण ही है.बस आगे पीछे नाम लगा देते हैं, वाल्मीकि रामायण,आध्यात्मिक रामायण.आपने राम चरित मानस ही क्यों नाम रखा? बाबा ने …

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हनुमान जी की महिमा हनुमान जन्मोत्सव पर विशेष 

  हनुमान जी की महिमा हनुमान जन्मोत्सव पर विशेष  हनुमान जी के चरित्र से हमे हर वक्त कुछ ना कुछ सिखने को मिलता है। जब हम हनुमान चालीसा या सुंदर कांड पढते है तो हमारी सभी मनोकामना पूर्ण होती है ओर अगर समझ कर पढे तो हमे उनके जीवन से ऐसी काफी शिक्षा मिलती है …

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Kavita

तितिक्षा (द्वन्द सहिष्णुता) मुरारी लाल सारस्वत  मस्तिष्क में विद्युत रासायनिक क्रिया से,  विचारों की उत्पत्ति होती है। रसाइनों की भिन्नता के कारण, भिन्न विचारों की निष्पत्ति होती है।। विचारों की भिन्नता में हेय या उपादेय का प्रश्न बेईमानी है। परस्पर विचारों का सम्मान ही इंसानी है।। संसार रुपी बृक्ष का आधार ही तितिक्षा है। तितिक्षा …

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