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सार्वभौमिकता और समानता का प्रतीक है सनातन धर्म

सार्वभौमिकता और समानता का प्रतीक है सनातन धर्म  सतीश शर्मा   सनातन का अर्थ है शाश्वत या हमेशा बना रहने वाला अर्थात् जिसका न आदि है न अन्त। ‘ जैसे भगवान शाश्वत ( सनातन) हैं, ऐसे ही सनातन धर्म भी शाश्वत है। भगवान ने तो सनातन धर्म को अपना स्वरूप बताया है। ब्राह्मणो हि प्रतिष्ठाऽहममृतस्याव्ययस्म च शाश्वतस्य […]

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आतंकवाद का बचाव करती ममता

आतंकवाद का बचाव करती ममता  ललित शंकर  हरिद्वार भारत के विपक्ष ने सत्ता पाने तथा खोने के लिये कुछ भी करने की आदत सी डाल ली है।वेसे तो सत्ता पाने के लिए विपक्षी दल सरकार का विरोध करते करते देश का विरोध तक करने लगे हैं। विपक्षी दल की मजबूत व बड़ी नेता ममता बनर्जी

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कामदा एकादशी कथा व विधि

कामदा एकादशी कथा व विधि  सतीश शर्मा  एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। वर्ष भर में आने वाली सभी एकादशियों का अपना विशेष महत्व होता है, परंतु चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे कामदा एकादशी कहा जाता है, विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। यह एकादशी हिंदू नववर्ष की

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सिद्धिदात्री माता की कथा 

सिद्धिदात्री माता की कथा  सतीश शर्मा सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि । सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी ।। माँ दुर्गाजीकी नवीं शक्तिका नाम सिद्धिदात्री है। ये सभी प्रकारकी सिद्धियोंको देनेवाली हैं। मार्कण्डेयपुराणके अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लधिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व-ये आठ सिद्धियाँ होती हैं। ब्रह्मवैवर्तपुराणके श्रीकृष्ण-जन्मखण्डमें यह संख्या अट्ठारह बतायी गयी है। इनके नाम इस प्रकार हैं-

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आज़ाद हिंद फ़ौज कार्यकर्ता सम्मेलन में राष्ट्र जागरण का हुआ आह्वान

आज़ाद हिंद फ़ौज कार्यकर्ता सम्मेलन में राष्ट्र जागरण का हुआ आह्वान श्री फैज खान ने अपने जोशीले संबोधन में मुस्लिमों को हिन्दुओं के साथ एकता और भाईचारा निभाने का संदेश दिया तथा धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से समाज में सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन

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कालरात्रि माता की कथा

कालरात्रि माता की कथा  सतीश शर्मा    एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता । लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी ॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी ॥ माँ दुर्गाजीकी सातवीं शक्ति कालरात्रिके नामसे जानी जाती हैं। इनके शरीरका रंग घने अन्धकारकी तरह एकदम काला है। सिरके बाल बिखरे हुए हैं। गलेमें विद्युत्‌की तरह चमकनेवाली माला है। इनके तीन नेत्र हैं।

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बदलता बॉलीवुड

बदलता बॉलीवुड ललित शंकर हरिद्वार भारत लगातर हर क्षेत्र में बदलाव कर रहा था लेकिन लंबे समय से भारतीय सिनेमा में बदलाव नही हो रहा था।भारत का सिनेमा जगत एक सोची समझी योजना के तहत फिल्में व धरावाहिक बना रहा था।लेकिन आदित्य धर जैसे फ़िल्म निर्देशकों ने बॉलीवुड को सही व सच कहने की दिशा

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कात्यायनी की कथा 

कात्यायनी की कथा  सतीश शर्मा चन्द्रहासोज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी ।। माँ दुर्गाके छठवें स्वरूपका नाम कात्यायनी है। इनका कात्यायनी नाम पड़नेकी कथा इस प्रकार है-कत नामक एक प्रसिद्ध महर्षि थे। उनके पुत्र ऋषि कात्य हुए। इन्हीं कात्यके गोत्रमें विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए थे। इन्होंने भगवती पराम्बाकी उपासना करते हुए बहुत वर्षोंतक बड़ी

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स्कन्दमाता की कथा

स्कन्दमाता की कथा  सतीश शर्मा सिंहासनगता नित्यं प‌द्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ।। माँ दुर्गाजीके पाँचवें स्वरूपको स्कन्दमाताके नामसे जाना जाता है। ये भगवान् स्कन्द ‘कुमार  कार्त्तिकेय’ नामसे भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राममें देवताओंके सेनापति बने थे। पुराणोंमें इन्हें कुमार और शक्तिधर कहकर इनकी महिमाका वर्णन किया गया है। इनका वाहन

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कूष्माण्डा माता की कथा 

कूष्माण्डा माता की कथा  सतीश शर्मा सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तप‌द्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥ माँ दुर्गाजीके चौथे स्वरूपका नाम कूष्माण्डा है। अपनी मन्द, हलकी हँसीद्वारा अण्ड अर्थात् ब्रह्माण्डको उत्पन्न करनेके कारण इन्हें कूष्माण्डा देवीके नामसे अभिहित किया गया है। जब सृष्टिका अस्तित्व नहीं था, चारों ओर अन्धकार-ही-अन्धकार परिव्याप्त था, तब इन्हीं देवीने अपने ‘ईषत्’

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