कालरात्रि माता की कथा
कालरात्रि माता की कथा सतीश शर्मा एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता । लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी ॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी ॥ माँ दुर्गाजीकी सातवीं शक्ति कालरात्रिके नामसे जानी जाती हैं। इनके शरीरका रंग घने अन्धकारकी तरह एकदम काला है। सिरके बाल बिखरे हुए हैं। गलेमें विद्युत्की तरह चमकनेवाली माला है। इनके तीन नेत्र हैं। …









