‘सांख्ययोग’
‘सांख्ययोग’ सतीश शर्मा श्रीमद्भगवद्गीता का द्वितीय अध्याय, जिसे ‘सांख्ययोग’ कहा जाता है, पूरी गीता का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। इसे गीता का ‘सार’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने उन सभी मुख्य सिद्धांतों की नींव रख दी है, जिन्हें आगे के 16 अध्यायों में विस्तार से समझाया गया है। इसमें कुल 72 […]







