Katha

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तितिक्षा (द्वन्द सहिष्णुता) मुरारी लाल सारस्वत  मस्तिष्क में विद्युत रासायनिक क्रिया से,  विचारों की उत्पत्ति होती है। रसाइनों की भिन्नता के कारण, भिन्न विचारों की निष्पत्ति होती है।। विचारों की भिन्नता में हेय या उपादेय का प्रश्न बेईमानी है। परस्पर विचारों का सम्मान ही इंसानी है।। संसार रुपी बृक्ष का आधार ही तितिक्षा है। तितिक्षा […]

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केदारनाथ को क्यों कहते हैं  ‘जागृत महादेव’ ? *एक बार एक शिव-भक्त अपने गांव से केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकला। पहले यातायात की सुविधाएँ तो थी नहीं, वह पैदल ही निकल पड़ा। रास्ते में जो भी मिलता केदारनाथ का मार्ग पूछ लेता। मन में भगवान शिव का ध्यान करता रहता। चलते चलते उसको महीनो

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