भारत को जाने

भारत को जाने  सतीश शर्मा ( केशव भाग संघ चालक नोएडा महानगर ) पुण्य भूमि मानचित्र परिचय  यह देव भूमि है – यहाँ तैंतीस करोड़ देवता रहते थे अर्थात् जितनी जनसंख्या उतने ही देवता । प्रत्येक व्यक्ति धर्म के अनुसार आचरण करता था इसलिए देवतुल्य अर्थात् देव भूमि है यह। दूसरी बात- एक बार राक्षसों […]

भारत को जाने Read More »

आओ नवयुग की प्रतिमा में करें प्रतिष्ठा प्राण की।

आओ नवयुग की प्रतिमा में करें प्रतिष्ठा प्राण की। सतीश शर्मा, संयोजक भारतीय इतिहास व ज्योतिष अनुसंधान संस्थान  ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत् ॥ तेरा तेरा मेरा मेरा तू मर जाए सारा मेरा, कौवा कौवा स्याही ला दो आने की स्याही ला आधी

आओ नवयुग की प्रतिमा में करें प्रतिष्ठा प्राण की। Read More »

जनवरी मास 2025 का पंचांग

जनवरी मास 2025 का पंचांग  भारतीय व्रतोत्सव जनवरी – 2025 दि. 3- विनायक चतुर्थी व्रत,दि. 6- गुरु गोविन्द सिंह जयंती,दि. 7- श्री दुर्गाष्टमी,दि.10- पुत्रदा एकादशी व्रत,दि. 11- शनि प्रदोष व्रत,दि. 12- स्वामी विवेकानन्द जयंती,दि. 13- सत्य व्रत, लोहिड़ी (पंजाब), शाकम्भरी जयंती, पौषी पूर्णिमा, माघ स्नानारम्भ,दि. 14- मकर संक्रांति पुण्य काल, कुंभ महापर्व प्रयागराज (पहला शाही

जनवरी मास 2025 का पंचांग Read More »

हवन कब करें,कैसे करे,क्यों करे 

हवन कब करें,कैसे करे,क्यों करे  सतीश शर्मा  हमारी सनातन पूजा पद्धति में हवन करने से पूर्व अग्निवास को देखना परम आवश्यक है। पूजा पद्धति में किसी भी अनुष्ठान के पश्चात् होम करने का शास्त्रीय विधान है और शास्त्रों में हवन करने के लिए कुछ नियम भी बताए हैं। उन नियमों का अनुसरण करना अति आवश्यक

हवन कब करें,कैसे करे,क्यों करे  Read More »

गोवा मुक्ति आंदोलन ,भारतीय जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का योगदान

गोवा मुक्ति आंदोलन ,भारतीय जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का योगदान सतीश शर्मा 13 जून, 1955 को कर्नाटक से भारतीय जनसंघ के नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक जगन्नाथ राव जोशी ने गोवा सत्याग्रह की शुरुआत की.जोशी के साथ वहां लगभग 3000 कार्यकर्ताओं का एक दल गया था, जिसमें महिलाएं भी शामिल थी.गोवा की

गोवा मुक्ति आंदोलन ,भारतीय जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का योगदान Read More »

‘सांस्कृतिक मार्क्सवाद’ सॉफ्ट पॉवर कोलोनाइजेशन का हथियार

‘सांस्कृतिक मार्क्सवाद’ सॉफ्ट पॉवर कोलोनाइजेशन का हथियार शिवेश प्रताप  (लेखक IIM कलकत्ता से शिक्षित, लेखक व लोकनीति विश्लेषक हैं)  2004 में टाइम पत्रिका के दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में एक प्रसिद्ध ब्रिटिश-अमेरिकी इतिहासकार नियाल फर्गुसन ने कहा है,  “सॉफ्ट पावर बहुत शांत होता है। हमें सेना या आर्थिक हार्ड पावर को प्रयोग करने

‘सांस्कृतिक मार्क्सवाद’ सॉफ्ट पॉवर कोलोनाइजेशन का हथियार Read More »

भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा विविधतापूर्ण सामाजिक परिवेश और लोक आस्था का प्रतीक है –  कुम्भ मेला 

भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा विविधतापूर्ण सामाजिक परिवेश और लोक आस्था का प्रतीक है –  कुम्भ मेला  सतीश शर्मा  कुंभ मेले का इतिहास इतिहास लिखने की परंपरा से भी बहुत पुराना है, कुंभ मेला हिंदू धर्म का एक महापर्व है | यह एक ऐसा सम्पूर्ण धार्मिक आयोजन है जिसमें खगोल विज्ञान, ज्योतिष, आध्यात्मिकता, अनुष्ठानिक परंपराओं,

भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा विविधतापूर्ण सामाजिक परिवेश और लोक आस्था का प्रतीक है –  कुम्भ मेला  Read More »

खरमास,मलमास क्या होते क्यू होते है

pexels-photo-1454769-1454769.jpg

खरमास,मलमास क्या होते क्यू होते है   15 दिसंबर 2024 से खरमास शुरू होने वाले हैं जो 14 जनवरी, 2025 को समाप्त होगा। सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास का महीना प्रारंभ हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास माह के शुरू होने पर सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य

खरमास,मलमास क्या होते क्यू होते है Read More »

मानवाधिकार किसी भी सभ्य समाज के  विकास का मूल आधार

मानवाधिकार किसी भी सभ्य समाज के  विकास का मूल आधार विश्व मानवाधिकार दिवस,10 दिसम्बर 2024,पर विशेष  तपन कुमार सह क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख पश्चिमी उत्तर प्रदेश  मानव अधिकारों से तात्पर्य मानव के उन न्यूनतम अधिकारों से है जो प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक रूप से प्राप्त होने चाहिए, मानव अधिकारों का सम्बन्ध मानव की स्वतंत्रता, समानता एवं

मानवाधिकार किसी भी सभ्य समाज के  विकास का मूल आधार Read More »

रत्ती का पोधा, बढ़े काम का

रत्ती का पोधा, बढ़े काम का  “रत्ती” यह शब्द लगभग हर जगह सुनने को मिलता है। जैसे – रत्ती भर भी परवाह नहीं, रत्ती भर भी शर्म नहीं, रत्ती भर भी अक्ल नहीं…!! आपने भी इस शब्द को बोला होगा, बहुत लोगों से सुना भी होगा। आज जानते हैं ‘रत्ती’ की वास्तविकता, यह आम बोलचाल

रत्ती का पोधा, बढ़े काम का Read More »