लेख

‘सांख्ययोग’

‘सांख्ययोग’ सतीश शर्मा  श्रीमद्भगवद्गीता का द्वितीय अध्याय, जिसे ‘सांख्ययोग’ कहा जाता है, पूरी गीता का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। इसे गीता का ‘सार’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने उन सभी मुख्य सिद्धांतों की नींव रख दी है, जिन्हें आगे के 16 अध्यायों में विस्तार से समझाया गया है। इसमें कुल 72 […]

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अर्जुनविषाद योग

“अर्जुनविषाद योग”  सतीश शर्मा श्रीमद्भगवद्गीता का प्रथम अध्याय, जिसे ‘अर्जुनविषादयोग’ कहा जाता है, अर्जुन विषाद योग पूरी गीता की पृष्ठभूमि और आधारशिला है। इस अध्याय में कुल 47 श्लोक हैं, जो कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में उपजे एक महान मानसिक और नैतिक संकट को दर्शाते हैं। यह अध्याय केवल एक ऐतिहासिक युद्ध का वर्णन नहीं

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“एक असाधरण  व्यक्तित्व – नरेंद्र दास दामोदर मोदी”

“एक असाधरण  व्यक्तित्व – नरेंद्र दास दामोदर मोदी”  मनमीत सोनी इस 17 सितंबर को यह व्यक्ति छिहत्तर वर्ष का हो जाएगा। यह व्यक्ति पिछले चार दशकों से खुली राजनीति में है। जिनमें से लगभग 26 वर्ष बिलकुल सत्ता की राजनीति की है और कभी मुँह की नहीं खाई। कुछ तो बात होगी। कोई तो करिश्मा

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राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा – गौरव का इतिहास, राष्ट्र की महिमा 

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा – गौरव का इतिहास, राष्ट्र की महिमा  सतीश शर्मा  जन गण मन का प्रतीक है हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा । राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा सिर्फ एक कपड़े का टुकड़ा नहीं है। ये *130 करोड़ भारतीयों की आत्मा, शौर्य और एकता* का प्रतीक है। यह हमारी एकता का प्रतीक है,भारत में सैकड़ों जाति, धर्म,

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अखंड भारत का इतिहास 

अखंड भारत का इतिहास  सतीश शर्मा अखंड भारत की सीमाएं केवल भौगोलिक भू-भाग तक सीमित नहीं थीं । इसकी संस्कृति, धर्म और दर्शन (विशेषकर हिंदू और बौद्ध धर्म) ने दक्षिण-पूर्व एशिया में गहरा प्रभाव छोड़ा । कंबोडिया का अंकोरवाट मंदिर और इंडोनेशिया की संस्कृति (जहाँ आज भी रामायण का मंचन होता है) इसी सांस्कृतिक अखंडता

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अखंड भारत: एक भौगोलिक सत्य या सांस्कृतिक विचार

अखंड भारत: एक भौगोलिक सत्य या सांस्कृतिक विचार सतीश शर्मा अखंड भारत दिवस या अखंड भारत संकल्प दिवस हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1947 में हुए भारत के भौगोलिक विभाजन के दर्द को याद करने और भारत की प्राचीन सांस्कृतिक व आध्यात्मिक एकता को पुन: स्थापित करने के संकल्प

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FCRA – पश्चिमी विस्तारवादी शक्तियों के विरुद्ध भारत का युद्धघोष है !

FCRA – पश्चिमी विस्तारवादी शक्तियों के विरुद्ध भारत का युद्धघोष है ! सतीश शर्मा इस समय देश को FCRA बिल समझाने का समय है क्योकि यह केवल एक सामान्य बिल भर नही है यह पश्चिमी विस्तारवादी शक्तियों के विरुद्ध भारत का युद्धघोष है ! FCRA बिल मे ऐसा क्या है कि अमेरिकी सांसद ने यहाँ

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दलितों को भृमित करती कॉंग्रेस

दलितों को भृमित करती कॉंग्रेस ललित शंकर हरिद्वार भारत के राजनीतिक लोकतंत्र में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले दलित समाज की बहुत बड़ी भूमिका हैं।आजादी के बाद से बिना किसी स्वार्थ के लंबे समय तक कांग्रेस को वोट करने वाले दलित समाज के साथ कांग्रेस ने धोखा ही किया है।कांग्रेस आज भी भोलेवाले दलितों के साथ

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शिवलिंग पूजा का महत्व व प्रकार

शिवलिंग पूजा का महत्व व प्रकार  सतीश शर्मा शिव को गुरु रूप माना गया है और गुरु न स्त्रीलिंग, न पुलिंग और न ही नपुषकलिंग है। संस्कृत में लिंग का अर्थ है प्रतीकात्मक चिन्ह, प्रमाण’ या ‘स्वरूप’ होता है। पिंड या लिंग संपूर्ण सृष्टि के सृजन, पालन और संहार की शक्ति का प्रतीक है। जैसे

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हम एक साज़िश में फंस गए हैं मोदीजी 

हम एक साज़िश में फंस गए हैं मोदीजी  मनमीत सोनी कल कांग्रेस के नेता का प्रयागराज में भाषण सुना। पिछले कई दिनों से कितने ही लोगों से सुन चुका हूँ कि भारत का युवा जाग चुका है। दिल्ली में हम सबने देखा कि जब युवा जागता है तो वह क्या करता है और कैसे करता

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