भारतीय संस्कृति में नारी अबला नहीं सबला होती है
भारतीय संस्कृति में नारी अबला नहीं सबला होती है सतीश शर्मा यह कथन पूर्णत सत्य और प्रासंगिक है। भारतीय संस्कृति और दर्शन में नारी को कभी असहाय (अबला) नहीं माना गया है, बल्कि उसे सृष्टि की संचालिका, शक्ति और प्रेरणा का स्त्रोत (सबला) माना गया है। भारतीय नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति …














