Katha

चन्द्रघण्टा माता की कथा

चन्द्रघण्टा माता की कथा  सतीश शर्मा पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्वकैर्युता। प्रसादं तनुने महां चन्द्रघण्टेति विश्रुता ॥ माँ दुर्गाजीकी तीसरी शक्तिका नाम ‘चन्द्रघण्टा’ है। नवरात्रि-उपासनामें तीसरे दिन इन्हींके विग्रहका पूजन-आराधन किया जाता है। इनका यह स्वरूप परम शान्तिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तकमें घण्टेके आकारका अर्धचन्द्र है, इसी कारणसे इन्हें चन्द्रघण्टा देवी कहा जाता है। इनके शरीरका रंग […]

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ब्रह्मचारिणी माता

ब्रह्मचारिणी माता  सतीश शर्मा दधाना करपद्‌द्याभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुनमा ।। माँ दुर्गाकी नव शक्तियोंका दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणीका है। यहाँ ‘ब्रह्म’ शब्दका अर्थ तपस्या है। ब्रह्मचारिणी अर्थात् तपकी चारिणी – तपका आचरण करनेवाली। कहा भी है- वेदस्तत्त्वं तपो बहा-वेद, तत्त्व और तप ‘ब्रह्म’ शब्दके अर्थ हैं। ब्रह्मचारिणी देवीका स्वरूप पूर्ण ज्योतिर्मय एवं अत्यन्त भव्य है।

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शैलपुत्री माता की कथा 

शैलपुत्री माता की कथा  सतीश शर्मा वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूद्धां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम् ।। माँ दुर्गा अपने पहले स्वरूपमें ‘शैलपुत्री’ के नामसे जानी जाती हैं। पर्वतराज हिमालयके वहाँ पुत्रीके रूपमें उत्पन्न होनेके कारण इनका यह ‘शैलपुत्री’ नाम पड़ा था। वृषभ स्थिता इन माताजीके दाहिने हाथमें त्रिशूल और बायें हाथमें कमल पुष्य सुशोभित है। यही नव

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पापमोचनी एकादशी

पापमोचनी एकादशी सतीश शर्मा यह व्रत चैत्र मास की कृष्ण पक्ष एकादशी का किया जाता है। इसदिन भगवान विष्णु को अर्घ्यदान आदि देकर षोडशोपचार पूजा करनी चाहिए। भगवान विष्णु की पूजा, फलाहार या निर्जला व्रत करें। अगले दिन (द्वादशी) शुभ समय में पारण करें। पापमोचनी एकादशी का व्रत आत्मशुद्धि और भगवान विष्णु की कृपा पाने

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महाशिरात्रि का महत्व व कथा

महाशिरात्रि का महत्व व कथा  सतीश शर्मा महाशिवरात्री  भगवान् शिव का अत्यत महत्वपूर्ण व्रत है। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि का व्रत आता है। शिव’ का अर्थ है कल्याणकारी और ‘रात्रि’ का अर्थ है विश्राम। महाशिवरात्रि वह रात है जब हम शिव तत्व (परम चेतना) की शरण में जाकर गहरा विश्राम पाते हैं। पौराणिक

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मौनी अमावस्या का महत्व व करने योग्य उपाय 

मौनी अमावस्या का महत्व व करने योग्य उपाय  सतीश शर्मा मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक पवित्र और शुभ दिन माना जाता है. यह अमावस्या माघ मास में आती है और इस दिन आध्यात्मिक शुद्धि, संयम और पितृ तर्पण का विशेष महत्व होता है. इस दिन किए गए धार्मिक कर्म और पुण्य कार्य कई गुना

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माघ मास व माघी पूर्णिमा का महत्व व करने योग्य कार्य

माघ मास व माघी पूर्णिमा का महत्व व करने योग्य कार्य सतीश शर्मा माघ मास हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी महीना है, जिसमें स्नान, दान, तपस्या और भगवान विष्णु/सूर्य/शिव की पूजा का विशेष महत्व है, जो पापों का नाश कर आरोग्य, सुख और समृद्धि दिलाता है, खासकर प्रयागराज में कुंभ स्नान और मकर

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छठ पूजा का महत्व व कथा

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छठ पूजा का महत्व व कथा  सतीश शर्मा सुहाग संतान व समृद्धि  के लिए पूजे  जाने वाला पर्व है छठ पूजा,छठ पूजा को समाजिक समरसता, सद्भाव व  लोक आस्था  का महापर्व कहते है। सूर्य देव और छठी माता की आराधना का पर्व है। यह पर्व चार दिन तक चलता है और इसमें श्रद्धालु न केवल

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होई अष्टमी की कथा

होई अष्टमी की कथा सतीश शर्मा अहोई अष्टमी कथा सुनने के लिए ऊपर लिंक पर  क्लिक करें ।  एक नगर में एक साहू‌कार रहता था जिसके सात बेटे, बहुएं और एक बेटी थी। कार्तिक के महीने में दीवाली से पहले अष्टमी को अपने मकान की लिपाई पुताई करने के लिए सातों बहुएं अपनी इकलौती ननद

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करवा चौथ की कथा व भारतीय संस्कृति में सोलह श्रृंगार की महिमा

करवा चौथ सतीश शर्मा कथा सुनने के लिए क्लिक करे करवा चौथ व्रत को पति की लंबी आयु, सुहाग की रक्षा और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। करवा चौथ की कहानी एक वीरवती नाम की पत्नी की है, जिसने अपने पति की लंबी आयु के लिए कार्तिक मास की चतुर्थी पर व्रत

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