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आजादी वहीं तक है, जहाँ से दूसरे की आजादी प्रभावित न हो

आजादी वहीं तक है, जहाँ से दूसरे की आजादी प्रभावित न हो सतीश शर्मा स्वतंत्रता का अर्थ केवल किसी बाहरी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि बिना किसी दबाव के अपने विचारों और कार्यों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने की क्षमता है। स्वतंत्रता किसी भी जीवित प्राणी, समाज और राष्ट्र के जीवन का आधार स्तंभ […]

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जुलाई मास का राशि फल

जुलाई मास का राशि फल  सतीश शर्मा हमे अपने जीवन में राशिफल जानने से ग्रहों के प्रभाव, अपनी शक्तियों और कमजोरियों को समझने में मदद मिलती है। भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने, करियर और आर्थिक फैसलों में मदद  पाने, और रिश्तों में बेहतर तालमेल करने का मोका मिलता है । 

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सितंबर मास 2026 का पंचांग 

सितंबर मास 2026 का पंचांग  सतीश शर्मा भारतीय व्रतोत्सव सितंबर -2026 दि. 2-हल छठ, चंद्र छठ,दि. 4-श्री कृष्णजन्माष्टमी, कालाष्टमी,दि. 5-गोगा नवमी, नन्द महोत्सव,दि. 7-अजा एकादशी व्रत,दि. 8-वत्स द्वादशी, भौम प्रदोष व्रत,दि. 9-मास शिवरात्रि,दि. 11-कुशोत्पाटिनी-पिठोरी अमावस्या,दि. 13-वाराह जयंती,दि. 14-हरितालिका तीज, श्री गणेश जन्मोत्सव, सिद्धि विनायक व्रत, कलंक चतुर्थी, चंद्रदर्शन निषेध,दि. 17-सूर्य षष्ठी, बलदेव षष्ठी, मेला बृज

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मासिक राशिफल

जून मास का राशिफल  सतीश शर्मा मेष – दिनांक 20 तक मंगल स्वयं राशि में रहने से उत्साह व कारोबार में वृद्धि होगी।  बहुत दिन से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं । जून 20 से मंगल दूसरे भाव मे  होने से उच्च विद्या व  व्यवसाय के क्षेत्र में विशेष उतार चढ़ाव हो सकते हैं

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जून मास 2026 का पंचांग

जून मास 2026 का पंचांग  सतीश शर्मा भारतीय व्रतोत्सव जून -2026 दि. 4- श्री गणेश चतुर्थी व्रत,दि. 8-कालाष्टमी,दि. 11-परमा एकादशी व्रत,दि. 12-प्रदोष व्रत,दि. 13-मास शिवरात्रि,दि. 15-ज्येष्ठ अधिक मास समाप्त, सोमवती अमावस्या, संक्रांति पुण्य, गंगा दशाश्व मेघ स्नानारम्भ,दि. 17-महाराणा प्रताप जयंती, मेला हल्दी घाटी (मेवाड़),दि. 18-विनायक चतुर्थी व्रत, गुरु अर्जुनदेव बलिदान दिवस,दि.20-स्कन्द-अरण्य षष्ठी, विन्ध्यवासिनी पूजा,दि.22- दुर्गाष्टमी,

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बरूथिनी एकादशी

बरूथिनी एकादशी सतीश शर्मा यह व्रत वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन रखा जाता है। यह व्रत सुख-सौभाग्य का प्रतीक है। इस व्रत का महत्त्व सुपात्र ब्राह्मण को दान देने, करोड़ों वर्ष तक नग्न तपस्या करने तथा कन्यादान के भी फल से बढ़कर है। व्रत करने वाले के लिये खासतौर से उस दिन खाना,

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कामदा एकादशी कथा व विधि

कामदा एकादशी कथा व विधि  सतीश शर्मा  एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। वर्ष भर में आने वाली सभी एकादशियों का अपना विशेष महत्व होता है, परंतु चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे कामदा एकादशी कहा जाता है, विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। यह एकादशी हिंदू नववर्ष की

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कात्यायनी की कथा 

कात्यायनी की कथा  सतीश शर्मा चन्द्रहासोज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी ।। माँ दुर्गाके छठवें स्वरूपका नाम कात्यायनी है। इनका कात्यायनी नाम पड़नेकी कथा इस प्रकार है-कत नामक एक प्रसिद्ध महर्षि थे। उनके पुत्र ऋषि कात्य हुए। इन्हीं कात्यके गोत्रमें विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए थे। इन्होंने भगवती पराम्बाकी उपासना करते हुए बहुत वर्षोंतक बड़ी

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कूष्माण्डा माता की कथा 

कूष्माण्डा माता की कथा  सतीश शर्मा सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तप‌द्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥ माँ दुर्गाजीके चौथे स्वरूपका नाम कूष्माण्डा है। अपनी मन्द, हलकी हँसीद्वारा अण्ड अर्थात् ब्रह्माण्डको उत्पन्न करनेके कारण इन्हें कूष्माण्डा देवीके नामसे अभिहित किया गया है। जब सृष्टिका अस्तित्व नहीं था, चारों ओर अन्धकार-ही-अन्धकार परिव्याप्त था, तब इन्हीं देवीने अपने ‘ईषत्’

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शैलपुत्री माता की कथा 

शैलपुत्री माता की कथा  सतीश शर्मा वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूद्धां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम् ।। माँ दुर्गा अपने पहले स्वरूपमें ‘शैलपुत्री’ के नामसे जानी जाती हैं। पर्वतराज हिमालयके वहाँ पुत्रीके रूपमें उत्पन्न होनेके कारण इनका यह ‘शैलपुत्री’ नाम पड़ा था। वृषभ स्थिता इन माताजीके दाहिने हाथमें त्रिशूल और बायें हाथमें कमल पुष्य सुशोभित है। यही नव

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